

जीवन चौहान/रिपोर्टर/रजगामार। जिले में जल जीवन मिशन के तहत पाईप लाईन बिछाने से लेकर पानी टंकी निर्माण लगभग पूरा किया जा चुका है। जल जीवन मिशन योजना की मियाद दो वर्ष बढ़ाए जाने के बाद सभी ग्राम पंचायतों में पानी टंकी का निर्माण किया जा चुका है किंतु पानी टंकी के आसपास व उसके चारों ओर बांउड्रीवाल अभी तक निर्माण नहीं किया गया हैं। जल जीवन मिशन के कार्यों का जब राज्य स्तर के अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण किया जाता है तो विभागीय अधिकारी ऐसे कार्यों का निरीक्षण करा देते हैं जहां मिशन के कार्यों की स्थिति सही है। लोगों को पानी मिलता नजर आता है। ऐसे कई स्थान हैं जहां अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के दौरान मिशन के कार्यों को सही पाया। किंतु उसके बाद स्थिति यह है कि उन क्षेत्रों में अभी भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराए जाने का निर्देश दिया गया है। कुछ ऐसा ही मामला रजगामार ग्राम पंचायत में देखा गया है जहां पानी टंकी का निर्माण तो करा दिया गया है किंतु पानी की सप्लाई नहीं की गई है वहीं पानी टंकी के समीप 10 से 15 फीट गढ्ढा खोद दिया गया है। उक्त गढ्ढा और पानी टंकी की दूरी महज 2 से 3 फीट की दूरी ही है। आगामी बारिश में उक्त गढ्ढा में पानी भर जाता है तो पानी टंकी के गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संबंधित ठेकेदार से उक्त गढ्ढा को भरने के लिए कहा गया तो आज बना दूंगा कल बना दूंगा कहते हुए 6 से 7 माह बीत चूका है गढ्ढा जस का तस बना हुआ है। उक्त गढ्ढा में आसपास के मवेशी भी गिर चुके हैं। पानी टंकी के नजदीक दो स्कूल हैं तथा एक खेल का मैदान है इस दौरान बच्चें सहित स्थानीय लोगों का आना जाना रहता है। स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। संबंधित पीएचई विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं उसके बाद ही इस ओर ध्यान दिया जाएगा। पंच जितेंद्र राठौर ने जानकारी दी कि संबंधित ठेकेदार से कई बार फोन से बात किया गया कि उक्त गढ्ढा के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाना है और जल्दी नहीं बनाया गया तो बारिश में बड़ी घटना घट सकती है किंतु 6 से 7 माह बीतने के बाद भी उक्त ठेकेदार के द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया है। शायद किसी बड़ी घटना का इंतजार है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। बाक्ससरपंचों के खिलाफ होनी चाहिए कार्यवाहीजल जीवन मिशन के कार्यों में गड़बड़ियों में पंचायत प्रतिनिधियों की भी लापरवाही नजर आती है। काम पूरा हुआ नहीं रहता और पंचायत के सरपंच ठेका फर्मों को पूर्णत: प्रमाण पत्र दे देते हैं। जबकि गांव में जल जीवन मिशन के नल कनेक्शन से पानी ही नहीं मिल रहा है। ऐसे मामलों में काम पूरा हुए बिना पूर्णत: प्रमाण देने वाले ग्राम पंचायत के सरपंचों के खिलाफ भी कार्यवाही नहीं होने से इनकी मनमानी लगातार चली आ रही है।