
कोरबा के खरमोर नशा मुक्ति केंद्र का है, जहां इलाज के लिए भर्ती एक व्यक्ति की अचानक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि मृतक पिछले कुछ समय से केंद्र में रहकर नशा मुक्ति का इलाज करा रहा था।
लेकिन मौत के बाद जो हुआ, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि केंद्र प्रबंधन ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को नहीं दी, बल्कि मामले को दबाने की कोशिश की।
जब परिजनों को किसी अन्य माध्यम से घटना की जानकारी मिली, तो वे तुरंत केंद्र पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया।
“हमें समय पर सूचना नहीं दी गई… अगर पहले बता देते तो शायद हम अपने आदमी को देख पाते… ये बहुत बड़ी लापरवाही है…”
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
खरमोर नशा मुक्ति केंद्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर ऐसे संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।


















