
जीवन चौहान/रिपोर्टर/करतला विकासखंड में फतेहगंज में जुड़ी डीवीएल कंपनी और एक अन्य ठेका कंपनी की कारगुजारी से ग्रामीण डरे सहमे हुए हैं। पत्थर खदान ऐसे में अनेक ग्रामीण और सरपंच को लेकर मुश्किल हो रही है। नाराज ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर यहां चक्काजाम और धरना प्रदर्शन करने की बात कही है। फतेहगंज और डोंगाआमा-सलिहाभांठा क्षेत्र के लोगों ने समस्या को लेकर प्रदर्शन करने की बात की है । इससे पहले उन्होंने शासन को लिखित रूप से अवगत कराया। खबर के अनुसार विकासखंड करतला में सलिहा भांठा से डोंगाआमा ग्रामीण सडक़ पर भारी वाहनों के चलने से ना केवल पत्थर खदान नुकसान हुआ बल्कि करोड़ों के खर्च से बनाई गई पत्थर खदान की खेतों में भी नुकसान हुई है बताया जा रहा है कि बोर भी धस चुका है जिससे ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने बाद भी पहचान मिट गई है। सरकार ने नेशनल हाइवे के लिए जिन कंपनियों को टेंडर दिया है, ग्रामीण को पैसे के लालच देकर मिट्टी खाने के बहाने झूठ बोलकर पत्थर खदान खोल दिया उन्होंने इसी इलाके में पत्थर खदान से क्रेशर मशीन लग रही है।
यहां से ओव्हरलोड गिट्टी, पत्थर का परिवहन किया जा रहा है। यह काम हर दिन नियमित रूप से चल रहा है। बताया गया कि एक दशक पहले पीएमजीएसवाय से तैयार की गई थी और इसके जरिये ग्रामीण अबादी को लाभ देना तय किया गया था। ग्रामीणों के काफी प्रयासों से प्रशासन ने उनकी मांगों को स्वीकार किया। फर्जी प्रस्ताव बनाने के बाद इसके लिए धनराशि आबंटित की गई। कालांतर में यह सडक़ बनकर पूरी हुई। तब से अब तक लोगों को पक्की सडक़ की सुविधा मिल रही थी। लेकिन नेशनल हाईवे के कामकाज से जुड़ी कंपनी के वाहनों के माध्यम से लगातार ओव्हरलोड मटेरियल परिवहन किया जा रहा है।
कलेक्टर को बताया गया कि ग्रामीण सडक़ पर परिवहन के लिए जो मापदंड बना है उसकी अनदेखी की जा रही है। लोगों ने कहा कि यह सब बर्दाश्त के बाहर है इसलिए चक्काजाम करना मजबूरी हो गया है। ग्रामीणों ने सडक़ पर बैठकर नारेबाजी की। इस वजह से मुख्यमार्ग पर बड़ी संख्या में गाडिय़ों गई। प्रदर्शन की खबर होने पर करतला तहसीलदार और थाना प्रभारी को दी गई जानकारी । उनके द्वारा संबंधितों को अवश्यक इस दौरान लोगों ने कहा कि अनदेखी पर प्रशासन को लगाम लगाने की फूर्सत नहीं है। ऐसे में लोगों का जागृत होना आवश्यक है।


















