Saturday, August 30, 2025
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आयुष्मान कार्ड में इलाज होने के बाद भी लिया गया अतिरिक्त 60000 रुपए, कलेक्टर से शिकायत *मामला गोपाल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल कटघोरा का*

जीवन चौहान/रिपोर्टर/पीड़ित कन्हैया लाल धनुवार पिता मंगल सिंह निवासी गाड़ाघाट ग्राम पंचायत पाथा मोहल्ला भद्रापारा तहमीन पोड़ी कटघोरा ने श्रीमान कलेक्टर महोदय को लिखित आवेदन दिया है पत्र में उल्लेख किया है की गोपाल हॉस्पिटल कटघोरा के संचालक द्वारा मेरे पिता का आयुष्मान कार्ड में इलाज होने के बावजूद नगद 60,000/ रुपये लेने पर संचालक के विरुद्ध जांच कर अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने की मांग की गई। गोपाल हॉस्पिटल में लगभग 2 महीना पूर्व मेरे पिता थी मंगल सिंह धनुवार का स्वास्थ्य खराब था उन्हें पेशाब करने के दौरान बाट आने की शिकायत भी बेहतर उपचार को लेकर मेरे पिताजी को कटघोरा में संचालित गोपाल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। हम लोग गरीब आदिवासी किसान हैं और हमारी आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण आयुष्मान कार्ड में मेरे पिता जी का ईलाज कराने की बात हम लोगों के द्वारा कही गई जिस पर गोपाल हॉस्पिटल के संचालक के द्वारा कहा गया कि आपके पिताजी का इलाज आयुष्मान कार्ड से पूरी तरह निःशुल्क हो जाएगा उसके बाद हमारे पिताजी गोपाल हॉस्पिटल कटघोरा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद दूसरे दिन हमें बताया गया कि तुम्हारे पिताजी का तबीयत बहुत ज्यादा खराब है और उसमें ज्यादा खर्चा आयेगा आयुष्मान कार्ड से पैसा काटने के बाद भी आप लोगों को कम से कम 25 से 30000 रुपए लगेगा बोला गया तब हम लोगों के द्वारा आनन-फानन में दूसरों से कर्ज लेकर ₹20000 रुपए नगद जमा किया गया। उसके बाद गोपाल हॉस्पिटल के संचालक के द्वारा कई बार किश्तों में 40000 हजार रुपए और जमा करा लिया गया आयुष्मान कार्ड से ईलाज के खर्चा की राशि लेने के बाद भी गोपाल हॉस्पिटल के संचालक द्वारा हमारी मजबूरी और अज्ञानता का फायदा उठाते हुए हमसे 60,000/ रुपये नगद ले लिया गया है जिसे मैं अपने खेत को गिरवी रखकर व्यवस्था किया था पैसा पटाने के बाद मेरे पिता की अस्पताल से छुट्टी कर दिया गया और बोला गया की एक महीना बाद मोनोग्राफी करवाना पड़ेगा इसके लिए हास्पिटल आना पड़ेगा घर आने के बाद भी मेरे पिताजी के पेशाब में भारी जलन और यूरिन द्वार से ब्लड आना बंद नहीं हुआ इसके बाद हमें एहसास हुआ कि हमारा इलाज अच्छे तरीके से नहीं किया गया है। एक महिने के बाद हमारे द्वारा फिर से रश्मि डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराया गया जिसमें डॉक्टर के द्वारा मौखिक रूप में बताया गया कि आपकी चिमारी ठीक नहीं हुई है आप किसी अच्छे चिकित्सकों से इलाज करवाइए फिर मेरे पिताजी का तबीयत ठीक नहीं हो पाया है और वर्तमान में भी उनके यूरिनल द्वारा से भरड आना और जलन जैसी समस्या बनी हुई है।

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