RCRS और वन विभाग की संयुक्त पहल से स्कूली बच्चों को दी गई जागरूकता

विश्व सर्प दिवस (World Snake Day) के अवसर पर आत्मानंद स्कूल में एक विशेष स्नेक अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को साँपों के प्रति फैली भ्रांतियों से मुक्त कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उन्हें सही जानकारी देना था।इस कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग और Reptile Care and Rescuer Society (RCRS) की संयुक्त पहल पर किया गया।कार्यक्रम में RCRS टीम के प्रमुख श्री अविनाश यादव एवं टीम सदस्य महेश्वर ने बच्चों को साँपों के बारे में उपयोगी जानकारी दी, जैसे कि – साँप पर्यावरण के लिए कितने ज़रूरी हैं, कौन-कौन से साँप ज़हरीले होते हैं और ज़्यादातर साँप इंसानों से डरते हैं।कार्यक्रम के दौरान बच्चों के मन में साँपों को लेकर अनेक सवाल थे —जैसे कि:साँप कैसे सुनते हैं?अगर साँप काट ले तो क्या तुरंत मौत हो जाती है?साँप अपने फन क्यों फैलाते हैं?इन सभी सवालों का जवाब RCRS टीम ने बहुत ही सरल और वैज्ञानिक तरीके से दिया, जिससे बच्चों का डर दूर हुआ और उनमें नई समझ विकसित हुई।कार्यक्रम में शामिल मुख्य बातें:ज़हरीले और बिना ज़हर वाले साँपों की पहचानसाँप दिखे तो क्या करें, क्या न करेंरेस्क्यू टीम को कब और कैसे बुलाएंसाँपों से जुड़े अंधविश्वासों को तोड़नालाइव डेमो, प्रजेंटेशन, और इंटरएक्टिव सत्र के ज़रिए बच्चों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया।स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन ने RCRS टीम (अविनाश यादव, महेश्वर) और वन विभाग का आभार व्यक्त किया और इस जागरूकता अभियान की सराहना की।