
जीवन चौहान/रिपोर्टर/कोरबा। व्यापम के द्वारा आबकारी आरक्षक परीक्षा रविवार को जिले के 27 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई। जहां परीक्षार्थियों को मेटल डिटेक्टर की जांच से गुजरना पड़ा। सभी केंद्रों में जैमर लगाए गए थे। परीक्षार्थियों को बिना जूते खाली पैर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने दिया गया। बिलासपुर में हुए परीक्षा में गड़बड़ी के बाद निर्देश जारी किए गए। यह पहली परीक्षा है जिसमें जैमर, मेटल डिटेक्टर की जांच से गुजरना पड़ा। आने वाली व्यापम की सभी परीक्षा इसी तरह ली जाएंगी।आबकारी आरक्षक परीक्षा के लिए व्यापम के द्वारा लड़के लड़कियों के लिए अलग अलग गाइडलाइन जारी की गई थी। परीक्षा शुरु होने के आधा घंटा पहले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य किया गया था। व्यापम के निर्देश के तहत पुरुष परीक्षार्थियों को हाफ शर्ट वहीं महिला परीक्षार्थियों को भी हाफ स्लिव वाली शूट में आना अनिवार्य था। इसके अलावा कान की बाली, बेल्ट भी प्रतिबंधित था। चप्पल पहन कर आने वाले परीक्षार्थियों को ही प्रवेश करने की अनुमति थी। जो परीक्षार्थी जूते पहनकर आए थे उनसे जूते निकलवाए गए थे।पहली बार इस तरह की जांच से परीक्षार्थियों को गुजरना पड़ा है। आगामी सभी परीक्षाओं में इसी तरह की जांच व्यवस्था से परीक्षार्थियों को गुजरना पड़ेगा। जिले में 27 केंद्रों के 8 हजार 745 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिनमें 7 हजार 140 परीक्षार्थी और 1605 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षाओं की तैयारी को लेकर दो दिन पूर्व ही स्कूल प्रबंधन और परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को निर्देश जारी कर दिया गया था। सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। इसके लिए परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को सुबह 9.30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। 27 परीक्षा केंद्रों में सर्वाधिक परीक्षार्थी सरस्वती स्कूल सीएसईबी और कोरबा आईटी कॉलेज तथा पीजी कॉलेज में दर्ज किए गए हैं। वहीं सबसे कम परीश्वार्थी कोरबा कम्प्यूटर कॉलेज में 180 पंजीकृत थे जिसमें 150 परीक्षार्थी शामिल हुए।


















