कोरबा जिले में अवैध ईंट भंडारण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि महेश प्रजापति नामक व्यक्ति खुद को मीडिया प्रभारी बताकर पत्रकारिता की आड़ में अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 30 से 35 जगहों पर बिना वैध अनुमति के ईंटों का अवैध भंडारण किया जा रहा है।
जब हमारी टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से बातचीत की, तो एक बुजुर्ग ग्रामीण ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि “बिना चटाई कोई नहीं मानता, चाहे पुलिस हो या अधिकारी।” उनका संकेत कथित रूप से अवैध वसूली और संरक्षण की ओर था। बुजुर्ग ने यह भी कहा कि संबंधित लोगों द्वारा खुलेआम यह धमकी दी जा रही है कि उन्हें किसी परमिशन की जरूरत नहीं है और जो करना हो कर लो।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सवाल यह उठता है कि अगर बिना अनुमति इतने बड़े पैमाने पर ईंटों का भंडारण हो रहा है, तो जिम्मेदार विभाग आखिर मौन क्यों है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या अवैध भंडारण पर कार्रवाई होगी, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा?














