सक्ती। जिले में सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सक्ती पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने पूर्व में सट्टा खेलने और खिलाने के मामलों में संलिप्त रहे लोगों को बुलाकर कड़ी समझाइश दी और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सट्टा खेलना और खिलाना कानूनन अपराध है। इससे व्यक्ति आर्थिक संकट में फंसने के साथ परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में सट्टा खेलने, खिलाने या किसी भी अवैध गतिविधि में दोबारा संलिप्त पाए जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने वाले और समाज में भय या अशांति का माहौल पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ उनके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर गुंडा बदमाश एक्ट, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर की कार्रवाई की जा सकती है।खास बात यह रही कि पुलिस की समझाइश के बाद संबंधित लोग खुद सट्टा विरोधी जागरूकता अभियान का हिस्सा बने। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सक्ती शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान हाथों में सट्टा विरोधी स्लोगन वाली पट्टियां, पोस्टर और बैनर लेकर लोगों को जागरूक किया गया।फ्लैग मार्च के दौरान “सट्टा छोड़ो–परिवार जोड़ो”, “सट्टे से दूरी–परिवार में खुशहाली”, “सट्टा मुक्त सक्ती–सुरक्षित सक्ती” जैसे नारों के जरिए आम लोगों से सट्टे से दूर रहने की अपील की गई।सक्ती पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकना और अपराध में संलिप्त लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने आसपास सट्टा या किसी अन्य अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।सक्ती पुलिस का साफ संदेश है—सट्टे से दूरी बनाएं, परिवार और समाज में खुशहाली लाएं। अपराध से तौबा करें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल, एसडीओपी सक्ती डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा, थाना प्रभारी सक्ती निरीक्षक लखनलाल पटेल सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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