कोरबा शहर में सट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पुरानी बस्ती और बस स्टैंड क्षेत्र में सट्टा खिलाने की सूचना पर दबिश दी गई, जहां से मुकेश दीवान और सुजल चौहान को पकड़ा गया।पुलिस के अनुसार सुजल चौहान के कब्जे से 380 रुपये और मुकेश दीवान के कब्जे से 320 रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपियों के पास से सट्टा-पट्टी भी मिलने की बात सामने आई है। मामले में अपराध क्रमांक 719 और 720 दर्ज किए गए हैं।लेकिन इस कार्रवाई के बाद शहर में सट्टे के कथित बड़े नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर राकेश विश्वकर्मा, निवासी रविशंकर नगर, को कथित तौर पर इस नेटवर्क का मुख्य संचालक बताए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।आरोप है कि सुजल चौहान, बंटी दीवान, आरिफ—सीतामढ़ी/हटरी क्षेत्र, चिंटू—सीतामढ़ी/हटरी और निक्की—पुरानी बस्ती समेत कुछ लोग कथित रूप से सट्टा खिलाते हैं और इसकी रकम आगे पहुंचाई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।वहीं सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि क्या सट्टे के इस पूरे नेटवर्क पर वास्तविक कार्रवाई हो रही है, या फिर केवल छोटे स्तर पर सट्टा खिलाने वालों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित है?अब सवाल पुलिस से है—अगर शहर में सट्टे का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा है, तो क्या इसकी जड़ तक पहुंचकर मुख्य संचालकों पर भी कार्रवाई होगी?फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और सट्टे के इस कथित नेटवर्क के पीछे वास्तव में कौन-कौन लोग हैं।
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