कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत आईटीआई रामपुर कॉलोनी में जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जेके हॉस्पिटल द्वारा कॉलोनी के समीप स्थित जमीन पर कब्जा किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर आपत्तियां सामने आई हैं। इस मामले को लेकर अब नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस जमीन को लेकर कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है? क्या यह जमीन शासकीय है, सार्वजनिक उपयोग की है या किसी निजी व्यक्ति अथवा संस्था के स्वामित्व में है? यदि जमीन शासकीय या सार्वजनिक है और उस पर बिना अनुमति कब्जा किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया?स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर पहले भी जेके हॉस्पिटल के संबंध में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।

लेकिन शिकायत के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आने का आरोप लगाया जा रहा है। ऐसे में शिकायतकर्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं?नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शहर में शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर होने वाले अतिक्रमण की जांच करे और नियमों के विरुद्ध कब्जा पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि किसी संस्था या व्यक्ति द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के जमीन पर निर्माण अथवा कब्जा किया जा रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।अब देखना यह होगा कि नगर निगम कोरबा इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या संबंधित जमीन का सीमांकन कराया जाएगा? क्या राजस्व विभाग से भूमि के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी? क्या पूर्व में की गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाएगा?सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निगम प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखेगा, या फिर पहले की तरह यह मामला भी शिकायतों और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा?कोरबा की जनता अब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब चाहती है। शासकीय और सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है।

बुलंद आवाज न्यूज़ कोरबा — जनता की आवाज, प्रशासन से जवाब।




