आरोप है कि 10 जून के बाद भी रेत खनन पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद रेत माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रंजू यादव, सद्दाम खान और प्रवीण साहू के द्वारा अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर दिन-रात रेत से भरे वाहनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अवैध खनन के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ शासन को राजस्व की भी हानि हो रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब प्रतिबंध लागू है तो फिर अवैध रेत का कारोबार किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है? क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा या फिर रेत माफिया इसी तरह नियमों को चुनौती देते रहेंगे?
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।














