कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र स्थित मानिकपुर खदान से कथित रूप से कोयले की चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि रात के अंधेरे में साइकिल और मोटरसाइकिल के जरिए खदान से कोयला बाहर ले जाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मामले में ड्यूटी पर तैनात कुछ सुरक्षा गार्डों की भूमिका संदिग्ध है। उनका कहना है कि सुरक्षा गार्ड सुरेश निर्मलकर पर पहले भी कोयला चोरी से जुड़े आरोप लग चुके हैं और इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि सुरक्षा प्रभारी राजेश कुमार चौधरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। इसी आधार पर कुछ लोग मिलीभगत की आशंका जता रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित सुरक्षा कर्मियों और एसईसीएल प्रबंधन का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और खदानों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।




