कोरबा में रेत के कारोबार को लेकर एक बार फिर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बुधवारी दशहरा मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने और रेत खाली कराने की बात को लेकर दो गुटों के बीच आधी रात जमकर खूनी संघर्ष हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, डंडे, चमड़े के बेल्ट और अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया।इस पूरे मामले में खास नाम दीपक सिंह का भी सामने आया है, जिसे पुलिस ने दूसरे पक्ष के छह अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।दरअसल, 2 और 3 नवंबर की दरम्यानी रात बुधवारी मैदान के पास रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने और रेत खाली कराने की बात पर विवाद शुरू हुआ था। बताया गया कि ट्रैक्टर चालक को रोकने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुट आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई।

इस मामले में पहले पक्ष की ओर से राजेन दास ने रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि यशवंत कश्यप उर्फ लक्की, संतोष चंद्रा और विक्रम कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रैक्टर चालक को रोका और विवाद किया। सूचना मिलने पर जब राजेन दास अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उनके साथ मारपीट की गई।वहीं दूसरे पक्ष की ओर से विक्रम कश्यप ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए दीपक सिंह, सोहेब अहमद, गौरीलाल चौहान, पुरनदास महंत, आदित्य सिंघानिया, राजेन दास और यश पाटले पर गाली-गलौज, धमकी और मारपीट करने का आरोप लगाया।पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। सीएसईबी चौकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल ईंट के टुकड़े और चमड़े के बेल्ट भी जब्त किए गए हैं।अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने और रेत खाली कराने को लेकर विवाद इतना बड़ा कैसे हो गया? क्या यह केवल आपसी विवाद था या इसके पीछे रेत के कारोबार से जुड़ा कोई बड़ा विवाद भी है? इन पहलुओं पर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।फिलहाल पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।




