
कोरबा/रजगामार। बीते वर्ष की बारिश में ग्राम पंचायत रजगामार से ग्राम केराकछार के बीच बनी पुल और सड़क के बह जाने से पांच से दस गांव की एक बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। कोरकोमा धान खरीदी केन्द्र आने वाले किसानों के लिए यह मुख्य सड़क हुआ करती थी। जिसके मरम्मत कार्य एक वर्ष बाद भी ग्राम पंचायत एजेंसी के द्वारा नहीं किया गया है। ग्रामीणों को 5 से 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।केराकछार मार्ग पर टूटे पुल से रजगामार पुरानी बस्ती, टेवानारा, पतरापाली, ठाकुरखेता सहित आसपास के ग्रामीण अंचल के लोग इस पुल से केरवा, कोरकोमा, भैंसमा सहित रामपुर, करतला आवागमन करते हैं। इस पुल से दोपहिया, चार पहिया और ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों से आवागमन करते थे, लेकिन बारिश की वजह से और मिट्टी के कटाव से पुल ढह गया। हालांकि ग्रामवासियों द्वारा लकड़ी से वैकल्पिक पुल तैयार किया गया। जिसमें दो पहिया वाहन और पैदल आवागमन कर पुल पार करते हैं लेकिन वह वैकल्पिक पुल भी आवागमन करने योग्य नहीं है। इस मार्ग से आवाजाही करने से जरा सी चूक हुई तो बड़ी दुघर्टना घट सकती है। क्षतिग्रस्त पुल से प्रभावित आसपास के ग्रामवासी कहते हैं कि बरसात होते ही प्रशासन को क्षतिग्रस्त पुल का नवनिर्माण करना चाहिए क्योंकि कोरकोमा में कृषि उपज मंडी है। किसानों को धान बिक्री के लिए कोरकोमा जाना पड़ता है। इस कारण जल्द से जल्द इसका निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग किसानों के लिए सुगम और नजदीक पड़ता है। वर्तमान में पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों को ट्रैक्टर में खाद लेने जाना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें घूमकर जाना पड़ रहा है। जिससे किसानों को अतिरिक्त 5 से 10 किमी की दूरी तय करने के साथ समय ज्यादा लग रहा है।


