रजगामार। क्षेत्र में संचालित कुछ निजी क्लीनिकों में मरीजों के इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक अनुमति के बिना कथित रूप से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मामले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।मामला महिमा क्लिनिक से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां मौके पर करीब 2 से 3 महीने के बच्चे का इलाज किए जाने की बात सामने आई। जब इस संबंध में क्लीनिक से सवाल किया गया तो जिम्मेदार व्यक्ति की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के बजाय गोलमोल जवाब दिया गया।इसके बाद जब टीम सर्वमंगला क्लिनिक पहुंची तो वहां एक बुजुर्ग महिला के हाथ में ड्रिप लगी हुई दिखाई दी। इलाज और चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर जब नीचे मौजूद संचालक से सवाल किया गया, तो यहां भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ क्लीनिकों में मरीजों को हाई डोज वाली दवाइयां या इंजेक्शन दिए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि संबंधित क्लीनिकों में इलाज करने वाले व्यक्तियों के पास आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता, पंजीयन और अनुमति है या नहीं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन क्लीनिकों में नियमों के विपरीत इलाज किया जा रहा है, तो स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है?अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्लीनिकों के दस्तावेज, डॉक्टरों की योग्यता, पंजीयन, दवाइयों और मरीजों के उपचार की प्रक्रिया की जांच करता है या नहीं।
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