कोरबा जिले में 10 जून के बाद रेत खनन पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद अवैध उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप है कि रेत माफिया बेखौफ होकर रात के अंधेरे में नदी और घाटों से रेत का अवैध खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रातखर, मेनी और गोवा क्षेत्र में लगातार रेत का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है, जिससे शासन के नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। मामले में कुछ लोगों द्वारा दीपक सिंह, सोहेफ खान, पुरान दास और अर्जुन सिंह के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है।
जब इस संबंध में खनिज विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग ने एक वाहन को पकड़कर कार्रवाई की है और अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब जिले में रेत खनन पर प्रतिबंध लागू है, तो फिर अवैध उत्खनन और परिवहन कैसे जारी है? क्या प्रशासन इस पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई कर पाएगा या फिर रेत माफिया इसी तरह नियमों को चुनौती देते रहेंगे? फिलहाल क्षेत्र के लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।














