कोरबा। बालकों वन परिक्षेत्र के अजगरबहार गांव में एक घर के बाथरूम में छोटा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की रेस्क्यू टीम ने वन विभाग के मार्गदर्शन में मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू किया।वन मंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश, उपवनमंडलाधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन तथा बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार के नेतृत्व में टीम के सदस्यों राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड और नरेश गोड ने सफल रेस्क्यू कर किंग कोबरा को सुरक्षित थैले में रखा। आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी ने बताया कि जिले में लगातार किंग कोबरा के रिकॉर्ड सामने आ रहे हैं। छोटे किंग कोबरा का मिलना इस बात के संकेत देता है कि क्षेत्र में इस प्रजाति का प्राकृतिक प्रजनन हो सकता है, हालांकि इसकी वैज्ञानिक पुष्टि के लिए आगे अध्ययन आवश्यक है।किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की शेड्यूल-I संरक्षित प्रजाति है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों का शिकार कर पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं किंग कोबरा दिखाई दे तो उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें।नोवा नेचर संस्था वर्ष 2021 से वन विभाग के साथ मिलकर किंग कोबरा संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान चला रही है। संस्था ने कोरबा जिले में किंग कोबरा कंजर्वेशन रिजर्व बनाने की भी मांग की है, जिससे इस दुर्लभ प्रजाति का संरक्षण होने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और ईको-टूरिज्म के अवसर भी विकसित हो सकें।
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