कोरबा जिले में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम के साथ हुज्जतबाजी और मारपीट का मामला सामने आया है। शराब जब्ती की कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं ने कथित तौर पर आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। मामले में उरगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।पूरा मामला थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम दशरथभाठा, बैगचुलभाठा, पंचायत पताढ़ी का है। जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को आबकारी विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम निवासी जीवन उरांव अपने घर और बाड़ी में बिक्री के लिए भारी मात्रा में अवैध महुआ शराब छिपाकर रखा हुआ है।

सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की टीम शासकीय वर्दी में गवाहों के साथ मौके पर पहुंची। विधिवत तलाशी के दौरान जीवन उरांव के कब्जे से हाथ भट्ठी निर्मित कुल 13 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई। इसके बाद आबकारी विभाग की टीम ने शराब जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की और जीवन उरांव को अपने साथ ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
इसी दौरान मामला उस समय गरमा गया, जब जीवन उरांव की पत्नी सरस्वती उरांव और रिश्तेदार बुन्दकुंवर उरांव ने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं ने आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, प्रशिक्षु महिला उपनिरीक्षक शुभांगी तिवारी और आरक्षक रोचक देवांगन के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट करने का भी आरोप है।आरोप है कि दोनों महिलाओं ने जोर-जोर से चिल्लाकर ग्रामीणों को एकत्रित करने और आबकारी विभाग की टीम को घेरने का प्रयास भी किया। इसके बाद आबकारी विभाग ने पूरे मामले की लिखित शिकायत थाना उरगा में दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर उरगा पुलिस ने अपराध क्रमांक 608/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 121, 296, 351(2) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।मामले की गंभीरता को देखते हुए उरगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 3 नवंबर 2026 को दोनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।




