कोरबा। जिले में आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दीपका, कटघोरा, बाकीमोगरा, दर्री, कोरबा शहर सहित सातों आबकारी सर्किलों में छापेमारी की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों के साथ कथित रूप से निजी व्यक्तियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आबकारी विभाग में अधिकारी और कर्मचारी पहले से मौजूद हैं, तो फिर प्राइवेट लोगों को विभागीय कार्रवाई के दौरान साथ लेकर चलने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
इन निजी व्यक्तियों की विभाग में क्या भूमिका है?
क्या इन्हें कार्रवाई में शामिल करने की कोई आधिकारिक अनुमति है?
क्या इनके पास कोई वैध पहचान या अधिकार है?
और यदि इनके द्वारा किसी व्यक्ति से पूछताछ या कार्रवाई की जाती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
इसी बीच एक गंभीर आरोप हाल ही में सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक एक व्यक्ति को लगभग 4 लीटर महुआ शराब के मामले में पकड़ा गया। आरोप है कि उसे गाड़ी में बैठाने के बाद कथित तौर पर ₹60 हजार की मांग की गई। आरोप के अनुसार रकम नहीं देने पर उसे जेल भेज दिया गया।
इस मामले में यह भी चर्चा है कि कटघोरा उपजेल तक पहुंचने से पहले कथित तौर पर व्यक्ति के सामने “पैसा दो या जेल जाओ” जैसी स्थिति रखी गई। हालांकि यह आरोप संबंधित व्यक्ति या प्रत्यक्ष शिकायत के दस्तावेजों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला सिर्फ आबकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित अवैध वसूली और विभागीय कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।
अब सवाल प्रशासन से है—
क्या आबकारी विभाग की कार्रवाई में निजी व्यक्तियों की भूमिका की जांच होगी?
क्या सातों सर्किल में ऐसे निजी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जानकारी सामने लाई जाएगी?
₹60 हजार मांगने के कथित आरोप की निष्पक्ष जांच होगी?
और सबसे अहम—
क्या आम लोगों को कार्रवाई के नाम पर “पैसा दो या जेल जाओ” जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है?
इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन मामला गंभीर है और प्रशासन को चाहिए कि निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखे।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इन गंभीर आरोपों पर क्या संज्ञान लेते हैं और क्या कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है।




