कोरबा जिले के ग्राम पंचायत नकटीखार में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी जनहित मांगों के पूरा नहीं होने से नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन के समक्ष समस्याएं रखी गईं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।ग्रामीणों की पहली मांग नकटीखार शासकीय प्राथमिक शाला से तालाब पारा जाने वाले मार्ग को लेकर है। तालाब के पास पुलिया और उचित आवागमन की व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यहां जल्द पुलिया निर्माण और रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग की है।दूसरी बड़ी समस्या शासकीय प्राथमिक शाला नकटीखार की है। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल के लिए दो भवन स्वीकृत हुए थे, लेकिन आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते विद्यार्थियों को पुराने और जर्जर भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।तीसरी समस्या राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे में त्रुटियों की है। नकटीखार पूर्व में मसाहती ग्राम होने के कारण बंदोबस्त की प्रक्रिया से गुजरा था। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नक्शे में त्रुटियां होने के कारण किसानों को सुधार के लिए तहसील और न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव में राजस्व विभाग का विशेष कैंप लगाकर मौके पर ही नक्शा त्रुटियों का समाधान करने की मांग की है।वहीं, कुछ किसानों की पुश्तैनी जमीन बंदोबस्त के बाद वर्तमान रिकॉर्ड और नक्शे में शासकीय भूमि दर्ज होने का भी मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार इन मामलों का निराकरण लंबे समय से लंबित है और कई प्रकरणों को 13 से 14 वर्ष बीत चुके हैं।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से सभी मांगों की गंभीरता से जांच कर समयबद्ध तरीके से निराकरण करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन वर्षों पुरानी समस्याओं पर कब तक कार्रवाई करता है।
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