बताया जा रहा है कि निखिल अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे गया था। इसी दौरान उसने ऊपर से नदी में छलांग लगा दी। दोस्त वीडियो बनाते रहे और निखिल तैरते हुए धीरे-धीरे गहरे पानी में समा गया। जब तक दोस्तों को स्थिति की गंभीरता समझ आती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मंगलवार देर शाम तक स्थानीय गोताखोरों द्वारा तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। बुधवार सुबह फिर से खोजबीन शुरू की गई। दोपहर 12 बजे तक सफलता नहीं मिलने पर SDRF की टीम को बुलाया गया। SDRF और स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद टीम ने गुरुवार सुबह दोबारा अभियान शुरू करने की बात कहकर ऑपरेशन स्थगित कर दिया।
इधर, निखिल के परिजन पूरी रात नदी किनारे बैठे अपने बेटे के मिलने की आस लगाए रहे। बुधवार देर रात करीब 1 बजे, घटना के लगभग 36 घंटे बाद, निखिल का शव अपने आप पानी की सतह पर आ गया। परिजनों की नजर पड़ते ही उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर SECL अस्पताल की मर्चुरी में भिजवा दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जाएगा।
इस दर्दनाक घटना से पूरे कुसमुंडा क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों से नदी और गहरे जलाशयों में सावधानी बरतने की अपील की है।














