हादसे के बाद South Eastern Coalfields Limited यानी SECL प्रबंधन नींद से जागा और तत्काल सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराया। दोनों ओर से मुख्य मार्ग को ब्लॉक कर पिछले 5 दिनों से मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अब तक सड़क का काम पूरा नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर केवल लीपा-पोती की जा रही है और स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
वहीं, Hind Mazdoor Sabha से जुड़े यूनियन नेता अशोक कुमार साहू, महामंत्री कुसमुंडा क्षेत्र एवं केंद्रीय मंत्री HMS ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
अशोक कुमार साहू ने यह भी मांग की है कि जिस स्थान पर हमारे साथी की दुखद मृत्यु हुई है, उस स्थल को “श्रमिक चौक” घोषित किया जाए, ताकि भविष्य में श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बन सके।
अब देखना होगा कि SECL प्रबंधन गुणवत्ता पूर्ण सड़क निर्माण और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाता है।














