

जिले के कुसमुंडा खदान में पुराने तीन नम्बर वर्कशॉप में खड़ी 100 टन वजनी क्षमता वाले विमल कंपनी के डंफर में भीषण आग लग गई। आग से उठने वाली धुएं का काला गुब्बार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि ये डंफर सर्विस ऑफ हो चुके हैं।
जारी निविदा के तहत इनकी कटिंग का कार्य चल रहा था। ठेका कर्मचारियों द्वारा इन डंफरों से बिना ज्वलनशील सामान निकले ही गैस युक्त कटिंग मशीनों द्वारा कटिंग किया जा रहा था, जिससे चिंगारी संभवतः डंफर के टायर और डीजल चेंबर में जा पहुंची। जहां से आग ने पूरे डंफर को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की सूचना मिलते ही विभागीय फायर ब्रिगेड के वाहन मौके पर पंहुचे और आग पर काबू पाया गया। जिस तरह से आग की लपटे उठी थी। आसपास अन्य मशीनों को अपनी चपेट में ले सकती थी। जनहानि भी हो सकती थी। निश्चित रूप से इस घटना में जिम्मेदार लापरवाह ठेका कंपनी के खिलाफ प्रबंधन को सख्ती बरतनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि जिस डंपर की कटिंग की जा रही थी। उसे वक्त केवल मजदूर काम कर रहे थे और लापरवाही के चलते ही घटना घटी है। किसी प्रकार का कोई वहां अधिकारी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जो इसकी मॉनीटरिंग कर सके।
अचानक से आग लगी। जिसके बाद आसपास के लोग वहां से भाग खड़े हुए। घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। वहीं एसईसीएल के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।


















